20 फरवरी 2010. बिहार की राजधानी पटना में अगले दिन होने वाली महादलित रैली में भीड़ जुटाने के लिए पूरे राज्य से बाल बालाएं बुलाई गईं। ताकि भीड़ का मनोरंजन हो सके। जिम्मेदारी इलाके के क्षेत्रीय विधायकों को दी गई। नीतिश की पार्टी जनता दल-युनाइटेड के एक विधायक को भी जिम्मेदारी दी गई। जैसे-जैसे रात गहरा रही थी, पूरे मौसम में ठंड बढ़ती जा रही थी लेकिन विधायक श्याम बहादुर सिंह पूरे जोश में थे। बाल बालाएं और कॉलगर्ल को डांस करते हुए देख विधायक साहब के अंदर भी कुछ हुआ। शराब के नशे में धुत विधायक साहब पहुंच गए इनके बीच और फिर शुरू हुआ विधायक का भौंडा डांस। जब विधायक साहब इन बार बालाओं के साथ नाच रहे थे तो पूरे देश का लोकतंत्र भी नंगा हो रहा था। वह लोकतंत्र जिसकी हम और आप दुहाई देते हैं। यह पूरा आयोजन विधायक आवास के नीचे ही आयोजित किया गया था। एक दर्जन बारबालाएं इसमें शामिल थीं। विधायक श्याम बहादुर सिंह ने इन बार बालाओं के साथ नशे की हालत में चार घंटे तक जमकर ठुमके लगाए थे। अब आप खुद तय कीजिए यह कोई पहली घटना नहीं थी, जब हमारे किसी नेता ने ऐसी हरकत की। पिछले साल की इस घटना को अब दिखाने का मकसद यही है कि हम कब तक ऐसे नेताओं को चुन कर विधानसभा और लोकसभा में भेजेंगे? अब आप खुद तय कीजिए।
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November 7, 2011
November 4, 2011
मेसेजों से मांग भराई
व्यभिचार के पुतले
अवैध सम्भंधो के फाटक
रिश्ते हो गए मोबाइल
मेसेजों से मांग भराई
हिंदुस्तान बदल रहा हे ............
अकेलेपन का मजा
रिश्तों में तिजारत
बदन चाँदी के वर्क में लिपटा हुआ
और मन काजल की कोठरी में सिसकता हुआ
हिंदुस्तान बदल रहा हे ............
टूटते मोबाइल रिश्तों के बीच
अब लैंड लाइन जरूरी हे
सामाजिक एक्सचेंजोँ
आगे आओ
हिंदुस्तान बदल रहा हे ............
माँ ही जीवन का आधार हे
कलयुगी जांच मत कराइए
अगर अब नहीं संभले
तो दिन दूर नहीं , कुत्ता और आदमी
सड़क पर नज़र आयेंगे
हिंदुस्तान बदल रहा हे ............
प्रगति जरुरी हे
पश्चिमी दिशा मजबूरी हे
पर कुछ तो खुद की संसकृति
का पेटेंट कराईये
हिंदुस्तान बदल रहा हे ............
अवैध सम्भंधो के फाटक
रिश्ते हो गए मोबाइल
मेसेजों से मांग भराई
हिंदुस्तान बदल रहा हे ............
अकेलेपन का मजा
रिश्तों में तिजारत
बदन चाँदी के वर्क में लिपटा हुआ
और मन काजल की कोठरी में सिसकता हुआ
हिंदुस्तान बदल रहा हे ............
टूटते मोबाइल रिश्तों के बीच
अब लैंड लाइन जरूरी हे
सामाजिक एक्सचेंजोँ
आगे आओ
हिंदुस्तान बदल रहा हे ............
माँ ही जीवन का आधार हे
कलयुगी जांच मत कराइए
अगर अब नहीं संभले
तो दिन दूर नहीं , कुत्ता और आदमी
सड़क पर नज़र आयेंगे
हिंदुस्तान बदल रहा हे ............
प्रगति जरुरी हे
पश्चिमी दिशा मजबूरी हे
पर कुछ तो खुद की संसकृति
का पेटेंट कराईये
हिंदुस्तान बदल रहा हे ............
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